will india become a safety railway

क्या भारत केवल पाकिस्तान से बचने के रास्ते ही ढूंढ़ता फिरेगा ?

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रमेश कुमार पाण्डेय- सासाराम(बिहार)।

क्या भारत केवल पाकिस्तान से बचने के रास्ते ही ढूंढ़ता फिरेगा ???

जहां जरूरत थी पाकिस्तान को यह सन्देश देने की,कि भारत से पाकिस्तान अब सुरक्षित नही रह गया है।वंही एक बार फिर से देश में एक नया बहस छिड़ गया है कि पाकिस्तान से बचाब के क्या रास्ते होने चाहिये। वजह दो महीने पहले 20 नवम्बर को कानपूर के समीप खैराया में इंदौर पटना एक्सप्रेस एक्सीडेंट में नए जानकारी का खुल्लासा है। खबर है की इंदौर पटना एक्सप्रेस एक्सीडेंट,पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के साजिस का नतीजा था। एक हत्या के जांच-पड़ताल में बिहार पुलिस(मोतिहारी)के सामने अपराधियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने ही कानपूर के समीप रेलवे लाइन को बम से उडा दिया था। जिसकी फंडिंग पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने कराया था।




उस एक्सीडेंट मे 150 से ज्यादा लोग मारे गए और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक भारत द्वारा पाकिस्तान पर सख्त रवैये से भारत के अंदर बम ब्लास्ट क लिये पाकिस्तान को स्पेस नही मिल रहा है। जिससे बौखला कर ISI ने भारतीय रेलवे जैसा सॉफ्ट टारगेट चुना है। भारतीय रेलवे का जाल करीबन 65 हजार KM लम्बा है। जबकि डबल लाइन में 1,30 लाख KM लम्बा है। इतने लम्बे रेलवे लाइन को कोई भी बड़े आसानी से अपने टारगेट बना सकता है।इतने बडे एरिया में फैले रेलवे लाइन की सुरक्षा दुनिया की किसी देश के लिये मुमकिन नही। ऐसे में इस पर बहस यह होने चाहिये थें कि पाकिस्तान का इलाज कैसे किये जाये। पर इसके उलट, बहस यह छिड़ गई, कि पुरे देश में फैलीे रेलवे लाइन को सुरक्षा कैसे दिये जाये।




क्या भारत केवल पाकिस्तान से बचाव का रास्ता ही ढूंढ़ता फिरेगा ??? क्या भारत के पास पाकिस्तान से निपटने का दूसरा कोई और रास्ता नही ???




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